दिसंबर तिमाही में औसतन 10 फीसदी बढ़े घरों के दाम, दिल्ली-एनसीआर में सर्वाधिक 31 फीसदी की वृद्धि
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मजबूत मांग और कच्चे माल की उच्च लागत के कारण देश के आठ प्रमुख शहरों में दिसंबर, 2024 तिमाही में घरों के दाम सालाना आधार पर औसतन 10 फीसदी बढ़े हैं। दिल्ली-एनसीआर में कीमतें सबसे ज्यादा 31 फीसदी बढ़ी हैं। रियल एस्टेट निकाय क्रेडाई, सलाहकार फर्म कोलियर्स और डाटा विश्लेषक लियासेस फोरास की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि दिलचस्प बात है कि 2021 से शुरू होकर लगातार 16वीं तिमाही में मकानों की औसत कीमतें बढ़ रही हैं। क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोमन ईरानी ने कहा, आवासीय कीमतों में निरंतर वृद्धि खरीदारों के बीच मजबूत आत्मविश्वास को दर्शाती है। हालांकि, निर्माण और भूमि अधिग्रहण की बढ़ती लागत मूल्य निर्धारण पर दबाव बना रही है।
कर्ज दरें घटने से बिक्री में उछाल संभव
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बादल याग्निक ने कहा, आरबीआई के रेपो दर में कटौती के बाद से होम लोन की ब्याज दरों और कमी की गुंजाइश है। इससे अधिकतर शहरों में सभी श्रेणियों में आवासीय बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। 2025 में औसत आवासीय कीमतें सालाना आधार पर संभावित रूप से समान स्तर पर बढ़ सकती हैं।
इन शहरों में भी तेजी
- दिल्ली-एनसीआर में आवासीय कीमतें बढ़कर 11,993 रुपये प्रति वर्गफीट पहुंच गईं। इसके बाद बंगलूरू में दाम दिसंबर तिमाही में 23 फीसदी बढ़कर 12,238 रुपये प्रति वर्गफीट पहुंच गए।
- अहमदाबाद में दाम औसतन 15 फीसदी बढ़े हैं। पुणे में 9 फीसदी व चेन्नई में 6 फीसदी की वृद्धि।
- मुंबई महानगर क्षेत्र में मकानों की औसत कीमतें दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर तीन फीसदी, हैदराबाद में दो फीसदी और कोलकाता में एक फीसदी बढ़ी हैं।